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    मार्गदर्शन एवं परामर्श

    पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय एन.ई.आर. में मार्गदर्शन एवं परामर्श (Guidance and Counselling) की व्यवस्था प्रशिक्षित पेशेवर काउंसलर्स और नामित शिक्षक-काउंसलर्स के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यक्तिगत-सामाजिक विकास और करियर नियोजन को बढ़ावा देने के लिए की गई है।

    संरचना एवं भूमिकाएँ :

    • नियमित विद्यालय काउंसलर : योग्य काउंसलर (जो अनुबंध या नियमित आधार पर नियुक्त होते हैं) संगठित समूह सत्रों का संचालन करते हैं, व्यक्तिगत रूप से संदर्भित विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं और समस्याओं के निवारण हेतु सुरक्षात्मक उपाय योजनाबद्ध करते हैं।

    • शिक्षक-काउंसलर : एनसीईआरटी (NCERT) के ‘गाइडेंस एंड काउंसिलिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम’ से प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों की आवश्यकताओं की शुरुआती पहचान करने और दैनिक कक्षा की गतिविधियों में मार्गदर्शन को शामिल करने में सहायता करते हैं।

    • मार्गदर्शन कक्ष / प्रकोष्ठ : केंद्रीय विद्यालय में एक समर्पित मार्गदर्शन कक्ष होता है, जिसमें करियर संबंधी जानकारी के प्रदर्शन बोर्ड, स्व-सहायता संसाधन और व्यक्तिगत परामर्श सत्रों के लिए एक निजी कमरा उपलब्ध रहता है।

    मुख्य कार्यप्रणाली एवं सेवाएँ :

    1. शैक्षणिक मार्गदर्शन और शिक्षण सहायता

    • अध्ययन कौशल में सुधार : काउंसलर्स समय प्रबंधन, परीक्षा के तनाव को कम करने, स्मरण तकनीक और प्रभावी ढंग से नोट्स बनाने की रणनीतियों पर कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं।

    • उपचारात्मक और व्यवहारात्मक सहायता : वे सीखने में कठिनाई या एकाग्रता की समस्या वाले विद्यार्थियों की पहचान करते हैं और शिक्षकों व अभिभावकों के साथ मिलकर उनके लिए विशेष सुधार योजनाएँ तैयार करते हैं।

    2. करियर मार्गदर्शन और मार्ग निर्धारण

    • करियर मेले और प्रदर्शनी : विद्यालय वार्षिक करियर मार्गदर्शन सप्ताह आयोजित करता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आमंत्रित करके विद्यार्थियों को विविध करियर विकल्पों की जानकारी दी जाती है।

    • विषय चयन में सहायता : कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए मनोमितीय परीक्षण (Psychometric Assessments) और परामर्श सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिससे उन्हें 11वीं कक्षा के लिए सही संकाय (विज्ञान, वाणिज्य, या मानवीकी) चुनने में मदद मिलती है।

    • प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी : काउंसलर्स राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं, छात्रवृत्तियों और प्रवेश प्रक्रियाओं से जुड़ी अद्यतन जानकारी विद्यार्थियों तक पहुँचाते हैं।

    3. व्यक्तिगत एवं सामाजिक परामर्श

    • व्यक्तिगत परामर्श : गोपनीय आमने-सामने के सत्रों में किशोरावस्था की चुनौतियों, सहपाठियों के दबाव, भावनाओं के नियंत्रण, चिंता और पारिवारिक समस्याओं का समाधान किया जाता है।

    • मादक द्रव्यों के सेवन और सुरक्षा के प्रति जागरूकता : अंतरक्रियात्मक सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सुरक्षा, डिजिटल स्वच्छता, साइबर बुलिंग से बचाव और नशीले पदार्थों के खतरों के प्रति शिक्षित किया जाता है।

    4. हितधारकों का सहयोग

    • अभिभावक ओरिएंटेशन बैठकें : काउंसलर्स अभिभावक-शिक्षक बैठकों (PTM) के दौरान माता-पिता से संवाद करते हैं, ताकि उन्हें सकारात्मक परवरिश, किशोरों के व्यवहार को समझने और शैक्षणिक अपेक्षाओं को संतुलित करने का मार्गदर्शन मिल सके।

    • शिक्षक संवेदनशीलता कार्यशालाएँ : शिक्षकों के लिए नियमित संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि वे विद्यार्थियों में तनाव, व्यवहार में बदलाव या मानसिक आघात के शुरुआती संकेतों की पहचान कर सकें।