यहाँ दिए गए विवरण का हिंदी में सटीक एवं स्पष्ट अनुवाद दिया गया है:
पीएम श्री (PM SHRI – प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप 14,500 से अधिक विद्यालयों को उत्कृष्ट (मॉडल) संस्थानों के रूप में विकसित करने के लिए तैयार किया गया है। यह योजना मुख्य रूप से 6 प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
पीएम श्री विद्यालयों के प्रमुख स्तंभ एवं विशिष्टताएँ
| क्र. सं. | मुख्य स्तंभ | प्रमुख ध्यान क्षेत्र | मुख्य विशिष्टताएँ एवं कार्यान्वयन की विशेषताएँ |
| 1 | पाठ्यक्रम, शिक्षणशास्त्र और मूल्यांकन | योग्यता-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षण |
• अनुभवात्मक शिक्षण: खिलौना-आधारित, पूछताछ-प्रेरित और खोज-उन्मुख शिक्षण (विशेष रूप से बालवाटिका/बुनियादी स्तरों के लिए)। • समग्र मूल्यांकन: व्यावहारिक उपयोगिता, समालोचनात्मक सोच (critical thinking) और 360-डिग्री होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) पर आधारित सतत रचनात्मक मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित करना। • व्यावसायिक शिक्षा: स्थानीय उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल-आधारित प्रशिक्षण और व्यावसायिक ट्रेडों का प्रारंभिक परिचय। |
| 2 | पहुँच और बुनियादी ढाँचा | सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और स्मार्ट शिक्षण केंद्र |
• ग्रीन स्कूल: सौर पैनल, एलईडी लाइट, वर्षा जल संचयन, प्लास्टिक-मुक्त क्षेत्र और पोषण वाटिका (न्यूट्रिशन गार्डन) जैसी पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना। • डिजिटल और आईसीटी सुविधाएं: इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल (IFP), स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस। • सुरक्षा एवं सुविधाएं: पक्के एवं बाधा-रहित भवन, दिव्यांग-अनुकूल रैंप, सुरक्षित पेयजल, बालक एवं बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय और खेल अवसंरचना। |
| 3 | मानव संसाधन और स्कूली नेतृत्व | निरंतर व्यावसायिक क्षमता निर्माण |
• शिक्षकों का कौशल विकास: नवीन शिक्षण तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने हेतु डाइट (DIETs), निष्ठा (NISHTHA) और विशेष कार्यशालाओं के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण। • नेतृत्व और परामर्श (Mentorship): प्राचार्यों और मुख्य शिक्षकों को बदलाव के संवाहक के रूप में प्रशिक्षित करना, ताकि वे स्वयं बदलाव ला सकें और आसपास के गैर-पीएम श्री स्कूलों का मार्गदर्शन कर सकें। |
| 4 | समावेशी पद्धतियाँ और लैंगिक समानता | सर्वसुलभ पहुँच और समान अवसर |
• विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए सहायता: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सहायक उपकरण, अनुकूलित शिक्षण सामग्री और बाधा-रहित भौतिक पहुँच। • लैंगिक संवेदनशीलता: बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण, समर्पित स्वच्छता सुविधाएं और लिंग-समावेशी शैक्षिक पद्धतियाँ। |
| 5 | प्रबंधन, निगरानी और शासन | डेटा-संचालित निगरानी और व्यवस्था |
• छात्र ट्रैकिंग: छात्रों की उपस्थिति, सीखने के परिणामों (learning outcomes) और स्कूल छोड़ने के जोखिम (drop-outs) की व्यवस्थित ट्रैकिंग। • SQAF ढांचा: मुख्य प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) को ट्रैक करने के लिए स्कूल गुणवत्ता मूल्यांकन ढांचे (SQAF) के माध्यम से आवधिक मूल्यांकन। |
| 6 | लाभार्थी संतोष | समुदाय और हितधारकों की सहभागिता |
• सामुदायिक भागीदारी: स्कूल के विकास में विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMCs), स्थानीय समुदायों और पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी। • प्रतिक्रिया प्रणाली: विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को शामिल करते हुए नियमित संतोष ट्रैकिंग और फीडबैक तंत्र। |